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सोमवार, 8 मार्च 2010

स्त्री को स्त्री का सम्मान करना होगा

आज विश्व नारी दिवस मना रहा है ! सभी नारीयो को बधाई ! पर एक प्रश्न हमेशा से मेरे मन में उठता है और ये मैंने देखा है की नारी ही नारी की दुश्मन है पुरुष तो है ही ! जब भी एक सम्मान्य वर्ग में नारी उत्पीडन की बात आती है उसमे नारीयो का योगदान ज्यादा होता है ! मुझे एक विवाह का वाकया याद है जब एल लड़की का फलदान हो गया और लड़के की बहन को लड़की पसंद नहीं आयी फलदान वापस हो गया ! क्या नारी एक सामान है या कोई वस्तु है जो पसंद और नापसंद के बीच में झूलती जा रही है !
काश अगर नारी एक दूसरे नारी का सम्मान करती तो समाज में नारी का स्थान ऊँचा होता जैसा की हमारे पुरातन काल में था जब नारी ऋषियों मुनियों के साथ शाश्रार्थ करती थी ,युद्ध क्षेत्र में भाग लेती थी !प्रशासन संभालती थी ! कब लौटेगा वो नारी शक्ति का युग ! इसके लिए सिर्फ स्त्री को स्त्री का सम्मान करना होगा तभी संभव है !!!!!!!!!!!!!!!!!!